Sunday, December 21, 2008

कृतिका अंक 1




6 comments:

अखिलेश शुक्ल said...

Respected yadav ji,
review of kritika is avilable on internet very soon. please visit us at
http://katha-chakra.blogspot.com
akhilesh Shukla
Editor Katha Chakra
itarsi 46111 m.p.

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.
हमारी शुभकामनाऎं सदैव आपके साथ हैं
खूब लिखें,अच्छा लिखें........

प्रवीण जाखड़ said...

बहुत अच्छा! सुंदर लेखन के साथ चिट्ठों की दुनिया में स्वागत है। चिट्ठाजगत से जुडऩे के बाद मैंने खुद को हमेशा खुद को जिज्ञासु पाया। चिट्ठा के उन दोस्तों से मिलने की तलब, जो अपने लेखन से रू-ब-रू होने का मौका दे रहे है का एहसास हुआ। आप भी इस विशाल सागर शब्दों के खूब गोते लगाएं। मिलते रहेंगे। शुभकामनाएं।

प्रकाश बादल said...

swaagat hai

अमिताभ श्रीवास्तव said...

बहुत सुंदर...आपके चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है...शुभकामनाएं।